त्रि-धारा इंडक्शन मोटर औद्योगिक अनुप्रयोगों में व्यापक रूप से उपयोग की जाती हैं। उनकी असामान्य संचालन परिस्थितियाँ और कारण निम्नलिखित हैं:

असामान्य संचालन परिस्थितियाँ और इंडक्शन मोटरों के कारण
निम्नलिखित इंडक्शन मोटरों की असामान्य संचालन परिस्थितियाँ और कारण हैं:
मैकेनिकल ओवरलोड
पंप/गियर सिस्टम में ब्लॉकेज: मोटर से जुड़े यांत्रिक सिस्टम (जैसे, पंप या गियर) में अवरोध।
क्षतिग्रस्त बियारिंग या लबरिकेशन की कमी: धीमे बियारिंग या लबरिकेशन की कमी से घर्षण में वृद्धि।
रोटर लॉक होना या लंबा शुरुआती समय: रोटर चलने में असफल (लॉक रोटर) या यांत्रिक प्रतिरोध के कारण लंबा शुरुआती समय।
मोटर स्टॉलिंग: अत्यधिक लोड के कारण शुरुआत में असफलता, इसे हल करने के लिए मोटर को ऊर्जा स्रोत और यांत्रिक लोड से अलग करना आवश्यक होता है।
असामान्य आपूर्ति परिस्थितियाँ
कम आपूर्ति वोल्टेज: रेटेड मान से कम वोल्टेज।
असंतुलित आपूर्ति वोल्टेज: तीन धाराओं में वोल्टेज का असमान वितरण।
उच्च आपूर्ति वोल्टेज: रेटेड मान से अधिक वोल्टेज।
कम फ्रीक्वेंसी: मोटर की रेटेड फ्रीक्वेंसी से कम संचालन फ्रीक्वेंसी।
आपूर्ति सर्किट दोष:
एक या अधिक धाराओं का नुकसान (सिंगल-फेजिंग)।
आपूर्ति केबल में शॉर्ट सर्किट।
क्षतिग्रस्त कंटेक्टर टर्मिनल या लिंक्स।
फ्यूज फटना।
आंतरिक मोटर दोष
फेज-से-फेज दोष: विभिन्न फेज के स्टेटर वाइंडिंग के बीच शॉर्ट सर्किट।
फेज-से-पृथ्वी दोष: विद्युत अवरोध की विफलता, जिससे एक फेज वाइंडिंग और मोटर के ग्राउंडेड फ्रेम के बीच शॉर्ट सर्किट होता है।
ओपन सर्किट: वाइंडिंग या विद्युत कनेक्शन में टूट जाना, जिससे धारा प्रवाह रुक जाता है।
इंसुलेशन की अवसादन: वाइंडिंग इंसुलेशन का अवक्षय (आमतौर पर मेगर से जांचा जाता है जांचने के लिए निरंतरता और प्रतिरोध)।